वीडियो जानकारी:
शब्दयोग सत्संग
१० फरवरी २०१३
अद्वैत बोधस्थल, नॉएडा
प्रसंग:
इंसान समाज में क्यों रहता है?
इंसान को समाज की ज़रूरत क्यों होती है?
क्या इंसान समाज के बिना नहीं जी सकता?
इंसान और समाज के बीच संबंध क्या?
क्या इंसान को समाज के साथ रहना ज़रूरी होता है?
यदि इंसान समाज के बिना रहे तो क्या होगा?
क्या अकेला इंसान जीवन नहीं जी सकता?
समाज से डर क्यों लगता है?
हम समाज की कठपुतली क्यों बन चुके है?
समाज से आने वाले विभिन्न प्रभावों से कैसे बचें?
संस्कार क्या है?
असली व्यक्तित्व कैसे पाऊं?
संस्कारों में जीने के नुक्सान और फायदे क्या हैं?
संगीत: मिलिंद दाते